मायावती ने दिल्ली PG हादसे और सागर शराब कांड पर जताई चिंता, बोलीं- लापरवाही और भ्रष्टाचार पर लगे रोक
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली के पीजी हादसे और मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुए शराब कांड को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने शासन और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदार संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों से बच रही हैं, जबकि उन्हें लापरवाही और भ्रष्टाचार पर प्रभावी तरीके से लगाम लगानी चाहिए।
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के हादसे आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
दिल्ली PG हादसे को लेकर उठाए सवाल
BSP प्रमुख ने दिल्ली में हुए पीजी हादसे को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आवासीय और व्यावसायिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे स्थानों की नियमित जांच हो और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।मायावती ने कहा कि लोगों की जान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने शासन-प्रशासन से जवाबदेही तय करने की बात कही।
सागर शराब कांड पर भी जताई नाराजगी
मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुए शराब कांड का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।उन्होंने कहा कि सरकारों को केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनानी चाए।
भ्रष्टाचार पर सख्ती की मांग
मायावती ने कहा कि शासन-प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों से बचने के बजाय जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।उन्होंने कहा कि आम जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन का मूल दायित्व है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए।
राजनीतिक हलचल तेज
मायावती के बयान के बाद इन दोनों घटनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार सरकारों से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।फिलहाल दोनों मामलों में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है। वहीं, मायावती ने इन घटनाओं को लेकर व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

