मथुरा डीएम ने आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर 15 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया
मथुरा के जिलाधिकारी (डीएम) सीपी सिंह ने आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 15 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कदम शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निवारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
डीएम सीपी सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहें, ताकि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों में लापरवाही बरतने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को राजस्व कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि जिले में लंबित मुकदमों और शिकायतों की संख्या को कम करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से निभानी होगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डीएम सीपी सिंह ने नोटिस जारी करते समय अधिकारियों को सख्त अनुशासनात्मक दिशा-निर्देश भी दिए। इसमें यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समाधान प्रभावी ढंग से हो और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी न हो।
मथुरा जिले में आईजीआरएस पोर्टल का उपयोग नागरिक शिकायतों के निस्तारण के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से जनता सीधे प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाती है और अपेक्षा करती है कि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों की समीक्षा करना और त्वरित कार्रवाई करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल रिकॉर्डिंग और रिपोर्टिंग का पालन किया जाए। इससे न केवल शिकायतों का ट्रैक रखा जा सकेगा, बल्कि अधिकारी समय पर अपनी जिम्मेदारी भी निभा पाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मथुरा जिले में प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने में मदद करेगा। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का सही और समयबद्ध समाधान जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिले के नागरिकों ने भी डीएम के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे अधिकारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी और जनता की शिकायतों का समाधान तेजी और प्रभावी ढंग से होगा।
डीएम सीपी सिंह की पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि मथुरा जिले में लंबित मुकदमों और शिकायतों की संख्या में कमी आएगी और प्रशासनिक कार्यों की गति में सुधार होगा।
इस आदेश के बाद अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, ताकि डीएम यह सुनिश्चित कर सकें कि प्रशासनिक प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं रह गई है।

