बिजनौर में पटाखों के कचरे में भीषण धमाका, घास लेने गए दो सगे भाई झुलसे; हालत नाजुक
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दर्दनाक हादसे का मामला सामने आया है। शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास कथित तौर पर अवैध रूप से फेंके गए आतिशबाजी के कचरे में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की चपेट में आने से बकरियों के लिए घास लेने गए दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों किशोरों को घायल अवस्था में देखा तो तत्काल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को मेरठ मेडिकल कॉलेज के हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, वाजिदपुर गांव के पास एक बंद ईंट-भट्ठा है। इसी इलाके में कथित तौर पर आतिशबाजी और पटाखों का कचरा फेंका गया था। दोनों सगे भाई बकरियों के लिए घास लेने के लिए वहां पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि घास लेने के दौरान दोनों का सामना पटाखों के कचरे से हुआ। इसी दौरान अचानक उसमें तेज धमाका हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि दोनों किशोर उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
गंभीर हालत में मेरठ रेफर
हादसे के बाद दोनों भाइयों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। दोनों के शरीर पर गंभीर रूप से जलने के निशान बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पटाखों का कचरा वहां किसने और किन परिस्थितियों में फेंका था।
पटाखों का कचरा बना खतरा
घटना के बाद इलाके में यह सवाल भी उठ रहा है कि आतिशबाजी से जुड़े कचरे को खुले और सुनसान स्थान पर किस तरह फेंका गया। यदि कचरे में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी तो उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के बजाय खुले में छोड़ना लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, बंद पड़े ईंट-भट्ठे और उसके आसपास के क्षेत्र में लोग अक्सर घास और अन्य जरूरत की चीजें लेने पहुंचते हैं। ऐसे में वहां विस्फोटक या ज्वलनशील सामग्री का पड़ा होना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल पर पड़े आतिशबाजी के कचरे की प्रकृति और उसमें विस्फोट की वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कचरा वहां किसने डाला और क्या इसे अवैध तरीके से वहां फेंका गया था। दोनों घायल भाइयों का मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया जा रहा है। उनकी हालत को देखते हुए परिवार के लोग भी चिंतित हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और कचरा फेंकने वाले व्यक्ति या लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

