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हाथरस के दाऊजी मेले में रातभर चला स्वांग-नौटंकी, ‘अमर सिंह राठौर’ समेत कई प्रस्तुतियों ने बांधा समां

हाथरस के दाऊजी मेले में रातभर चला स्वांग-नौटंकी, ‘अमर सिंह राठौर’ समेत कई प्रस्तुतियों ने बांधा समां

उत्तर प्रदेश के हाथरस में चल रहे ऐतिहासिक दाऊजी मेले में बुधवार रात स्वांग और नौटंकी का रंग जमा रहा। देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। ‘अमर सिंह राठौर’ समेत कई प्रसिद्ध स्वांग और नौटंकी प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद लोगों को बांधे रखा। कलाकारों के दमदार अभिनय, संवाद और लोक संगीत पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

रातभर चले कार्यक्रम के दौरान पंडाल दर्शकों से भरा रहा। लोग परिवार और दोस्तों के साथ स्वांग-नौटंकी देखने पहुंचे। पारंपरिक लोकनाट्य की प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

‘अमर सिंह राठौर’ ने बांधा समां

कार्यक्रम में ‘अमर सिंह राठौर’ की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। कलाकारों ने ऐतिहासिक कथा को लोकनाट्य शैली में प्रस्तुत किया। संवाद अदायगी, अभिनय और संगीत के तालमेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने अपनी आवाज और अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। कई भावुक और रोमांचक दृश्यों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पंडाल में मौजूद लोग देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।

लोक संस्कृति की झलक देखने उमड़े दर्शक

दाऊजी मेले में स्वांग और नौटंकी का आयोजन लंबे समय से लोक संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। इन प्रस्तुतियों के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ ऐतिहासिक और सामाजिक कथाओं को भी दर्शकों तक पहुंचाया जाता है।

कार्यक्रम में कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और संवादों के माध्यम से ग्रामीण जीवन और लोक परंपराओं की झलक पेश की। नई पीढ़ी के दर्शकों ने भी इन पारंपरिक प्रस्तुतियों में रुचि दिखाई।

रातभर गूंजती रहीं तालियां

स्वांग-नौटंकी के दौरान कलाकारों की हर प्रस्तुति पर दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने लायक रही। हास्य संवादों पर लोग खूब हंसे, जबकि गंभीर और भावनात्मक दृश्यों के दौरान पंडाल में शांति छा गई।

कई प्रस्तुतियों के बाद दर्शकों ने जोरदार तालियों से कलाकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा और पंडाल लोक संगीत, संवाद और तालियों की आवाज से गूंजता रहा।

दाऊजी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

हाथरस का दाऊजी मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। मेले में झूले, दुकानें, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

स्वांग-नौटंकी जैसे आयोजन मेले की पारंपरिक पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजकों का उद्देश्य लोककलाओं को मंच देना और दर्शकों को पारंपरिक मनोरंजन से जोड़ना है।

रातभर चले इस कार्यक्रम ने मेले में पहुंचे लोगों को यादगार अनुभव दिया। ‘अमर सिंह राठौर’ समेत अन्य प्रस्तुतियों की दर्शकों ने सराहना की। कार्यक्रम के समापन तक पंडाल तालियों और लोक संगीत से गूंजता रहा।

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