चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, पांच दिन से खतरे के निशान के ऊपर नदी; 400 दुकानें और 200 मकान जलमग्न
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने इस समय रौद्र रूप धारण कर रखा है। लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पिछले पांच दिनों से मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी अब रामघाट और आसपास के रिहायशी इलाकों में घुस चुका है। हालात इतने गंभीर हैं कि करीब 400 दुकानें और 200 मकान पानी में डूबे हुए हैं। शहर की लगभग हर गली और सड़क पर बाढ़ का पानी नजर आ रहा है।
रामघाट के आसपास सबसे ज्यादा असर
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के रामघाट क्षेत्र में हालात बेहद खराब हो गए हैं। घाट के आसपास स्थित दुकानों और मकानों में पानी भर गया है। कारोबार पूरी तरह प्रभावित होने से स्थानीय दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
रामघाट चित्रकूट का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन बाढ़ के कारण घाट और आसपास के बाजार का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
गलियों और सड़कों पर भरा पानी
नदी का पानी लगातार बढ़ने से चित्रकूट के कई इलाकों में आवागमन भी प्रभावित है। करीब-करीब हर गली और सड़क पर बाढ़ का पानी जमा है। कई स्थानों पर लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है। वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
पांच दिन से खतरे के निशान के ऊपर नदी
मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार पांच दिनों से खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। लंबे समय तक नदी के उफान पर रहने से आसपास के इलाकों में पानी का फैलाव बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ी हुई है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने और नदी तथा जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की टीमें भी हालात का जायजा ले रही हैं।
कारोबार और जनजीवन प्रभावित
करीब 400 दुकानों के डूबने से व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं करीब 200 मकानों में पानी भरने से परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की चुनौती है। कई लोगों ने ऊंचे स्थानों या सुरक्षित जगहों का रुख किया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का बढ़ता जलस्तर फिलहाल लोगों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। लगातार पांच दिनों से खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदी के कारण रामघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में हाहाकार की स्थिति है। अब लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी है और सभी को इसके जल्द नीचे आने का इंतजार है।

