लखनऊ में हाई-प्रोफाइल हत्याकांड: कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या, बेटे अक्षत पर आरोप
राजधानी लखनऊ के एक चर्चित कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने उनके बेटे अक्षत सिंह को आरोपी बनाया है। आरोप है कि अक्षत ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को एक नीले ड्रम में छिपा दिया। वारदात के बाद उसने खुद ही गुमशुदगी की बात कहकर पिता की तलाश का नाटक भी किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से पढ़ाई और भविष्य को लेकर तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे, जबकि अक्षत बिजनेस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहता था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप लेता गया। एक दिन कथित रूप से तनाव इतना बढ़ गया कि अक्षत ने पिता को गोली मार दी। हत्या के बाद उसने सबूत छिपाने के उद्देश्य से शव को काटकर नीले ड्रम में डाल दिया। इसके बाद उसने पुलिस में गुमशुदगी की सूचना देकर खुद को संदेह से दूर दिखाने की कोशिश की।
हालांकि, जांच के दौरान अक्षत के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पुलिस को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सख्ती दिखाई, जिसके बाद मामले की परतें खुलती चली गईं। घर से बरामद साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच ने भी पुलिस के शक को मजबूत किया।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए चार्जशीट की तैयारी में जुटी है।
यह मामला न केवल पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करता है कि संवादहीनता किस तरह खतरनाक परिणामों में बदल सकती है।
फिलहाल आरोपी बेटे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। इस हत्याकांड ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर एक बेटा इस हद तक कैसे पहुंच गया।

