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लखनऊ अग्निकांड: आग से नहीं, दम घुटने से गईं ज्यादातर जानें; 15 मौतों ने झकझोरा

लखनऊ अग्निकांड: आग से नहीं, दम घुटने से गईं ज्यादातर जानें; 15 मौतों ने झकझोरा

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हो गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में अधिकांश लोगों की मौत सीधे आग की लपटों से नहीं, बल्कि इमारत में फैले घने धुएं के कारण दम घुटने से हुई। इससे स्पष्ट होता है कि आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

धुएं ने ली सबसे ज्यादा जान

अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत के भीतर धुआं तेजी से भर गया। कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ सके। शुरुआती मेडिकल जांच में दम घुटने को मौतों का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बंद इमारतों में आग के दौरान धुआं और जहरीली गैसें अक्सर आग से अधिक घातक साबित होती हैं।

तीन मंजिला इमारत में मचा था हड़कंप

घटना के समय भवन में कई लोग मौजूद थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग खिड़कियों और छतों की ओर पहुंचे, जबकि कई अंदर ही फंस गए।

दमकल विभाग और राहत-बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घंटों तक अभियान चलाया और लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

हादसे के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपकरणों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि भवन के उपयोग और निर्माण से जुड़े कई पहलुओं की पहले से शिकायतें थीं।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। साथ ही कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।

15 परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने 15 परिवारों को गहरा दर्द दिया है। मृतकों में अधिकांश युवा बताए जा रहे हैं। अस्पतालों और घटना स्थल पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है और लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पुलिस, फायर विभाग और SIT की टीमें आग लगने के कारणों तथा सुरक्षा चूक की जांच कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मौतों के कारणों की अंतिम पुष्टि होगी।

लखनऊ का यह अग्निकांड एक बार फिर यह याद दिलाता है कि बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। 15 लोगों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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