जिले में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत नई प्रक्रिया 'लॉजिकल डिस्क्रिप्शन' शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य तकनीकी और तर्कहीन त्रुटियों को सुधारकर मतदाता सूची को सटीक और विश्वसनीय बनाना है।
जिले के निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि इस बार लगभग छह लाख मतदाताओं को चिन्हित किया गया है, जिनकी जानकारी में कोई न कोई विसंगति पाई गई है। यह कदम आगामी चुनावों की साफ-सुथरी और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, सभी को अपने दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के लिए स्थानीय ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) को उपलब्ध कराना होगा। BLO दस्तावेजों की जाँच के बाद आवश्यक सुधार और अपडेट करेंगे।
इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में पाए गए गलत नाम, जन्मतिथि में अंतर, पते की असंगतियां और डुप्लीकेट प्रविष्टियां ठीक की जाएंगी। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इससे मतदाता सूची में विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचा जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया की शुद्धता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि BLO के माध्यम से दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया आसान और समयबद्ध तरीके से होगी, जिससे मतदाता सूची में सुधार में तेजी आएगी।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज BLO को समय पर उपलब्ध कराएं। इससे किसी प्रकार की गलती या विवाद की संभावना कम होगी। BLO दस्तावेजों की जांच करने के बाद, आवश्यक सुधार को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
जिले में यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची की नियमित समीक्षा और सुधार से चुनावों में निष्पक्षता और भरोसा बढ़ता है।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि दूर होगी और चुनाव के समय मतदाता अपने अधिकारों का पूर्ण उपयोग कर सकेंगे।
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया संपूर्ण जिले में एक महीने तक चलेगी और सभी BLO को निर्देशित किया गया है कि वे सभी चिन्हित मतदाताओं के दस्तावेजों का सही समय पर सत्यापन सुनिश्चित करें।
इस तरह गोरखपुर जिले में 'लॉजिकल डिस्क्रिप्शन' प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध, विश्वसनीय और तकनीकी दृष्टि से सटीक बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

