सोनभद्र में आसमानी बिजली का कहर, मानसून में अब तक 14 मौतें; ऊंची इमारतों पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आकाशीय बिजली का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बिजली गिरने वाले क्षेत्रों में शामिल सोनभद्र में इस मानसून सीजन में ही 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले साल भी बिजली गिरने से 29 लोगों की जान गई थी। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने सुरक्षा उपायों पर जोर देना शुरू कर दिया है।
बिजली गिरने की घटनाओं से बढ़ी चिंता
सोनभद्र में बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं। जिले का भौगोलिक क्षेत्र, जंगल और पहाड़ी इलाका इसे बिजली गिरने के लिहाज से संवेदनशील बनाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोग और खुले स्थानों पर रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
एक मंजिल से ऊंची इमारतों पर लगेंगे लाइटनिंग अरेस्टर
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिले में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने एक मंजिल से ऊंची इमारतों पर लाइटनिंग अरेस्टर (तड़ित चालक) लगाने की दिशा में कदम उठाने की योजना बनाई है।
लाइटनिंग अरेस्टर का काम बिजली के सीधे प्रभाव को रोकना और उसे सुरक्षित तरीके से जमीन तक पहुंचाना होता है। इससे इमारतों और उनमें मौजूद लोगों को नुकसान का खतरा कम किया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा
आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में ज्यादातर मामले ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आते हैं। खेतों में काम करने वाले किसान, पेड़ों के नीचे खड़े लोग और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खासकर बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
पिछले साल भी गई थी 29 लोगों की जान
आंकड़ों के अनुसार, पिछले मानसून सीजन में भी सोनभद्र में आकाशीय बिजली गिरने से 29 लोगों की मौत हुई थी। इस साल भी अब तक 14 लोगों की जान जाने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना, बिजली गिरने के समय मोबाइल टावर, पेड़ और खुले मैदानों से दूरी बनाना जैसे उपाय अपनाकर खतरे को कम किया जा सकता है।
सोनभद्र में लगातार बढ़ रही आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए अब प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की तैयारी में है। लाइटनिंग अरेस्टर लगाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि बिजली गिरने से होने वाली मौतों पर रोक लगाई जा सके।

