नैनीताल में 31 होमस्टे के लाइसेंस रद्द, बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर सील करने की चेतावनी
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल जनपद में हर वर्ष देश-विदेश से हजारों पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं. पर्यटकों के ठहरने के लिए जिले में बड़ी संख्या में होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बने होमस्टे पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है.
दरअसल, जिले में कई ऐसे होमस्टे सामने आए हैं जो बिना आवश्यक दस्तावेज और नियमों का पालन किए संचालित हो रहे थे. इन होमस्टे में कई तरह की अनियमितताएं मिलने के बाद प्रशासन और पर्यटन विकास विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी क्रम में पर्यटन विकास विभाग ने जिले के 31 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है.
नियमों की अनदेखी पर होम स्टे का लाइसेंस रद्द
प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई होमस्टे संचालकों ने पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए थे, जबकि कुछ स्थानों पर होमस्टे के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. इसके अलावा कई जगह नियमों की अनदेखी भी पाई गई. इन अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इन होमस्टे के लाइसेंस रद्द कर दिए.
कई होम स्टे के अधूरे मिले दस्तावेज
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि नैनीताल जिले के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई है. जिन स्थानों पर होमस्टे का पंजीकरण निरस्त किया गया है उनमें नैनीताल, रामनगर, रामगढ़, मुक्तेश्वर और भीमताल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई होमस्टे के दस्तावेज अधूरे मिले और कुछ जगहों पर नियमों का उल्लंघन भी पाया गया.
'नियमों का पालन करना अनिवार्य'
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि होमस्टे संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है. यदि कोई भी व्यक्ति बिना पंजीकरण के होमस्टे संचालित करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे होमस्टे को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
प्रशासन ने सभी होमस्टे संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे करें और पर्यटन विभाग में विधिवत पंजीकरण कराएं. साथ ही यह भी कहा गया है कि पर्यटन क्षेत्र की छवि बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है

