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यूपी में 178 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त, 59 को सुनवाई के बाद बहाल

यूपी में 178 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त, 59 को सुनवाई के बाद बहाल

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। राज्य में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने 178 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इस जानकारी की पुष्टि ब्रजेश पाठक ने सोमवार को की।

डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि राज्य में अस्पतालों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार, अवैध चार्ज, उपकरणों की कमी और स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन शामिल था। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने संबंधित अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए।

हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इनमें से 59 अस्पतालों के लाइसेंस आवश्यक सुनवाई और जांच के बाद बहाल कर दिए गए हैं। इन अस्पतालों ने अधिकारियों को अपनी सफाई दी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्हें पुनः लाइसेंस प्रदान किया गया।

इस कार्रवाई की जानकारी विधानसभा में समाजवादी पार्टी के सदस्य अतुल प्रधान के एक अनुपूरक प्रश्न का जवाब देते हुए दी गई। उन्होंने पूछा था कि राज्य में प्राइवेट अस्पतालों की गुणवत्ता और मरीज सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने की यह कार्रवाई स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि अस्पताल प्रशासन भी अपने कामकाज में सावधानी बरतेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की जांच और कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी और किसी भी अस्पताल को नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर संबंधित विभाग में सूचना देने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जनता के हित में गंभीर नीतियों को दिखाता है। इसके साथ ही यह कार्रवाई स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त संदेश भी है।

उत्तर प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों की निगरानी और नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें नियमित तौर पर अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी और मानकों के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेंगी।

इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, और स्वास्थ्य क्षेत्र में जवाबदेही का माहौल मजबूत होगा।

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