लखनऊ में अवैध इमारत गिराने का खर्च 26 लाख से ज्यादा, एलडीए बिल्डिंग मालिक से करेगा वसूली
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नियमों के खिलाफ बनी उस इमारत को गिराने में लाखों रुपये खर्च हुए हैं, जिसे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानते हुए बुलडोजर से ध्वस्त कराया था। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इमारत को तोड़ने की कार्रवाई में आए खर्च का पूरा हिसाब तैयार कर लिया है।जानकारी के मुताबिक, इस ध्वस्तीकरण अभियान में 26 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आया है। अब एलडीए इस रकम की वसूली इमारत के मालिक से करने की तैयारी में जुट गया है।
ध्वस्तीकरण अभियान में हुआ लाखों का खर्च
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, इमारत को गिराने के लिए भारी मशीनरी, मजदूरों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया था। इसी वजह से ध्वस्तीकरण की लागत काफी अधिक आई।प्राधिकरण ने कार्रवाई से जुड़े सभी खर्चों का ब्योरा तैयार कर लिया है। अब नियमानुसार यह रकम संबंधित भवन स्वामी से वसूल की जाएगी।
सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक घोषित हुई थी इमारत
बताया जा रहा है कि यह इमारत लंबे समय से विवादों में थी। जांच में सामने आया था कि निर्माण में नियमों की अनदेखी की गई थी। सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठे थे, जिसके बाद एलडीए ने इसे गिराने की कार्रवाई की।प्रशासन ने इमारत को आम लोगों के लिए खतरा बताते हुए ध्वस्तीकरण का फैसला लिया था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी इंतजाम किए गए थे।
बिल्डिंग मालिक से होगी रिकवरी
एलडीए ने अब ध्वस्तीकरण खर्च की रिकवरी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत अवैध निर्माण करने वाले भवन मालिक से कार्रवाई में आया खर्च वसूला जा सकता है।प्राधिकरण की ओर से जल्द ही संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
अवैध निर्माण पर सख्त रुख
एलडीए लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों पर कार्रवाई जारी रहेगी।इस मामले में भी एलडीए ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध निर्माण करने वालों को न केवल निर्माण हटाने की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, बल्कि ध्वस्तीकरण में आया खर्च भी उन्हें ही उठाना होगा।

