आजम खान की सजा निलंबन और जमानत पर वकीलों ने दी दलीलें, शाश्वत आनंद बोले- आरोपों के अलावा कोई सबूत नहीं
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके वकीलों की दलीलें भी चर्चा में हैं। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, एनआई जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने अदालत में पक्ष रखा था। अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने मामले को लेकर कहा कि आरोपों के अलावा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे लगाए गए आपराधिक आरोप साबित हो सकें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा निलंबित करते हुए उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। हालांकि, अदालत ने दोनों की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इस वजह से सजा पर राहत मिलने के बावजूद दोषी ठहराए जाने का फैसला फिलहाल बरकरार है।
तीन वकीलों ने रखा बचाव पक्ष
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता एनआई जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि दोनों को मिली सजा पर पुनर्विचार की जरूरत है और आपराधिक पुनरीक्षण याचिका के अंतिम फैसले तक सजा निलंबित कर जमानत दी जानी चाहिए।
शाश्वत आनंद के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम पर दो पैन कार्ड बनवाने और चुनावी दस्तावेजों में उनका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने अदालत में यह भी दलील दी कि जन्म प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में पहले से दोषसिद्धि पर रोक लगी हुई है। उनके अनुसार, मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने सजा निलंबित की, दोषसिद्धि पर रोक नहीं
अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उनकी हिरासत में बिताई गई अवधि और सजा की निश्चित अवधि को जमानत देने का आधार माना। दोनों को जुर्माने की आधी राशि जमा करने की शर्त भी दी गई है।
क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
यह मामला साल 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड थे और इनका इस्तेमाल चुनावी दस्तावेजों में किया गया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में आजम खान की भी भूमिका थी। हाईकोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए जनवरी 2027 के तीसरे सप्ताह की तारीख तय की है।

