खरगे का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- महिलाओं और दलितों के खिलाफ अपराध बढ़े, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में महिलाओं और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं और दलितों के विरुद्ध अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
खरगे ने कहा, "साल 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के विरुद्ध दर्ज अपराध 42.6 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों के विरुद्ध अपराध करीब 41 प्रतिशत बढ़ गए हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में बड़ा अंतर है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का जिक्र करते हुए कहा, "देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में SC की एक महिला के साथ दुष्कर्म होता है। यानी हर दिन करीब 12 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं।" उन्होंने कहा कि ये आंकड़े देश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
खरगे ने सरकार से मांग की कि महिलाओं और अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल कड़े कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन और पीड़ितों को समय पर न्याय सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने, त्वरित जांच, फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने तथा दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
खरगे के इन बयानों पर फिलहाल केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। वहीं, अपराध के आंकड़ों और उनके विश्लेषण को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा सकते हैं।

