कानपुर का झकरकटी पुल बना हादसों का खतरा, सैकड़ों गड्ढों से गुजर रहे वाहन चालक
शहर में जाम से राहत देने के उद्देश्य से बनाया गया जीटी रोड का झकरकटी पुल अब खुद बदहाली का शिकार हो गया है। पुल की खराब हालत के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे और बाहर निकले गार्डर हादसों को न्योता दे रहे हैं।
झकरकटी पुल से गुजरते समय वाहन चालकों को लगातार तेज झटकों का सामना करना पड़ता है। पुल पर कई ऐसे गड्ढे हैं, जिनकी लंबाई करीब दो मीटर तक है, जबकि कई जगह गड्ढों की गहराई एक से दो फीट तक पहुंच गई है।
गड्ढों से भरा पुल, राहगीर परेशान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल की सड़क लंबे समय से खराब है, लेकिन इसकी मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। रोजाना हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं। ऐसे में खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है।
वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय इन गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। अंधेरे में अचानक गड्ढे आने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
सड़क के बीच से निकले गार्डर बने खतरा
पुल पर सिर्फ गड्ढे ही नहीं, बल्कि कई जगह सड़क के बीच से गार्डर भी बाहर निकल आए हैं। इससे वाहनों के टायर खराब होने के साथ-साथ संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि जिस पुल को शहर के यातायात दबाव को कम करने के लिए बनाया गया था, वही अब परेशानी का कारण बन गया है।
मरम्मत की मांग तेज
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने प्रशासन से पुल की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते गड्ढों को नहीं भरा गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल इस पुल की खराब स्थिति पर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पुल की मरम्मत कर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाएगा।

