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कानपुर छात्र कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया, परिवार ने फांसी की मांग की

कानपुर छात्र कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया, परिवार ने फांसी की मांग की

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में कोर्ट ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। इस फैसले के बाद कुशाग्र के माता-पिता भावुक होकर फूट-फूट कर रो पड़े।

परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने दो साल से अधिक समय तक न्याय की इस लंबी लड़ाई को लड़ते हुए कई मुश्किलों का सामना किया। आज दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नहीं मिलेगी, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।

इस मामले में कोर्ट ने सुनाया कि जांच में मिले सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों की हत्या में सीधे संलिप्तता साबित हुई है। कोर्ट के फैसले ने इस घटनाक्रम में न्याय की प्रक्रिया को मजबूत किया है, जिससे कानपुर और उत्तर प्रदेश के नागरिकों में विश्वास बहाल हुआ है कि कानून सभी के लिए समान है।

कुशाग्र के माता-पिता ने कहा कि उनका परिवार इस न्याय की प्रतीक्षा में लंबे समय से था। उनका कहना है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलने तक उनके मन में पीड़ा और गुस्सा खत्म नहीं होगा। उन्होंने न्यायपालिका से अपील की है कि मामले को तेजी से निपटाया जाए और सख्त सजा सुनाई जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से उत्तर प्रदेश में हत्याकांड और हिंसक अपराधों के मामलों में एक संदेश गया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज में कानून और न्याय व्यवस्था की दृढ़ता को भी दिखाता है।

कुल मिलाकर, कानपुर के छात्र कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में तीनों आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद परिवार को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनका कहना है कि असली न्याय तब तक नहीं होगा जब तक दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिलती। यह मामला उत्तर प्रदेश में न्याय और कानून की प्रक्रिया की संवेदनशीलता और गंभीरता को उजागर करता है।

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