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कानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश के नाम पर 125 करोड़ की ठगी, 8 गिरफ्तार

कानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश के नाम पर 125 करोड़ की ठगी, 8 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 125 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी खुद को पुलिस, क्राइम ब्रांच या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और उन्हें किसी गंभीर मामले में फंसाने की धमकी देते थे। ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पीड़ितों को डराकर उनसे पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके अलावा, गिरोह फर्जी निवेश योजनाओं का लालच देकर भी लोगों से बड़ी रकम ऐंठता था।

जांच में सामने आया है कि गिरोह ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों को निशाना बनाया और करीब 125 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए घुमाकर छिपाने की कोशिश की जाती थी। इसी दौरान कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जो खातों के संचालन और लेनदेन में मदद कर रहे थे।

पुलिस ने तकनीकी निगरानी और साइबर सेल की मदद से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और ठगी की कुल राशि कितनी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही, जिन बैंक कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल कर साइबर ठग लोगों में भय पैदा करते हैं और उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लाकर पैसे ऐंठते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।

यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देती है कि ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।

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