हाईकोर्ट ने कानपुर के बर्खास्त कर्मचारी को दी बड़ी राहत, बहाली के बजाय मिलेगा 3 लाख रुपये का मुआवजा
कानपुर के बर्खास्त कर्मचारी दिनेश मिश्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें पूर्ण वेतन के साथ सेवा में बहाल करने के बजाय तीन लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश स्टेट हैंडलूम कॉर्पोरेशन को निर्देश दिया है कि वह आदेश की तारीख से चार सप्ताह के भीतर मुआवजे की राशि कर्मचारी को अदा करे।
मामला कर्मचारी दिनेश मिश्र की बर्खास्तगी से जुड़ा हुआ था। उन्होंने अपनी सेवा से संबंधित विवाद को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दोबारा सेवा में बहाल करने और पूर्ण वेतन देने के बजाय एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश दिया।
अदालत के आदेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश स्टेट हैंडलूम कॉर्पोरेशन को दिनेश मिश्र को तीन लाख रुपये की राशि देनी होगी। इसके लिए कोर्ट ने चार सप्ताह की समयसीमा निर्धारित की है। यानी आदेश की तारीख से चार सप्ताह के भीतर कर्मचारी को मुआवजे का भुगतान किया जाना है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से दिनेश मिश्र को आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि कोर्ट ने उन्हें पूर्ण वेतन के साथ सेवा में बहाल करने का आदेश नहीं दिया है। इसके स्थान पर मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एकमुश्त तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।
इस आदेश के बाद अब यूपी स्टेट हैंडलूम कॉर्पोरेशन को निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कोर्ट के निर्देश के अनुसार चार सप्ताह के भीतर मुआवजे की राशि अदा नहीं किए जाने पर आदेश के अनुपालन को लेकर आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

