कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बहू शालू बेगुनाह, फिर भी दो दिन और जेल में रहना होगा
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में जांच के दौरान उनकी बहू शालू को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जांच में शालू के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बावजूद उन्हें तत्काल जेल से बाहर आने के लिए दो दिन और इंतजार करना पड़ेगा। शनिवार और रविवार को अदालत में अवकाश होने के कारण उनकी रिहाई की प्रक्रिया सोमवार से आगे बढ़ सकेगी।
5 सितंबर को मिला था रक्तरंजित शव
दवा कारोबारी विनीत मनोचा का शव 5 सितंबर को मिला था। शव रक्तरंजित हालत में था और शरीर पर चाकू के 17 गंभीर घाव पाए गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की और मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस ने कारोबारी के परिवार और करीबी लोगों से भी पूछताछ की थी। इसी क्रम में उनकी बहू शालू को भी मामले में आरोपी बनाया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया था।
जांच में शालू के खिलाफ नहीं मिले पर्याप्त सबूत
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद शालू के खिलाफ हत्या में शामिल होने के आरोपों को लेकर स्थिति बदल गई। जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद उन्हें मामले में बेगुनाह माना जा रहा है।
हालांकि, अदालत से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें जेल में रहना होगा। शनिवार और रविवार को न्यायालय में अवकाश होने के कारण रिहाई की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
सोमवार को आगे बढ़ेगी रिहाई की प्रक्रिया
अदालत खुलने के बाद शालू की रिहाई से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद उन्हें जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो सकता है।
वहीं, विनीत मनोचा की हत्या की जांच अभी जारी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी की हत्या किसने और किस वजह से की। शरीर पर मिले 17 चाकू के घावों के कारण पुलिस वारदात की गंभीरता को देखते हुए मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
फिलहाल हत्याकांड में वास्तविक हमलावर और हत्या के पीछे की वजह को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

