गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण शिविर में पाई गई गड़बड़ियां, मतदाताओं में नाराजगी
जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत रविवार को मतदान केंद्रों पर शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को अपनी मतदाता पहचान और सूची में सुधार करने का अवसर देना था। हालांकि, मौके पर मतदाताओं ने कई अनियमितताओं और गड़बड़ियों को पकड़ लिया, जिससे नागरिकों में नाराजगी और सवाल खड़े हो गए।
शिविरों में उपस्थित ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास मतदाता सूची की जांच की जा रही थी। कई लोगों ने पाया कि सूची में उनके नाम गलत तरीके से दर्ज थे। कुछ मतदाताओं के पिता या पति का नाम सही नहीं था, बल्कि उनके बेटे का नाम अंकित था। वहीं, कई लोगों ने शिकायत की कि उन्होंने एसआईआर फॉर्म भरा था, लेकिन उनका नाम अभी भी सूची में शामिल नहीं हुआ।
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि यह गड़बड़ी मतदाता पहचान और आगामी चुनावों में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। कुछ लोगों ने बताया कि यदि समय रहते इन गलतियों को सुधारा नहीं गया, तो उन्हें मतदान में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बुजुर्ग मतदाता और नए वोटर भी इस प्रक्रिया में भ्रमित नजर आए।
बीएलओ ने लोगों को आश्वस्त किया कि सभी शिकायतें दर्ज की जाएंगी और सुधार के बाद अंतिम मतदाता सूची में सही नाम अंकित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य ही है कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और सभी योग्य नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
शिविर में कई मतदाताओं ने व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने के लिए फॉर्म भरे। इसमें नाम, पिता/पति का नाम, पता और अन्य विवरण सही करने की सुविधा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर फॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार की त्रुटि को सही किया जा सकता है और अंतिम सूची में केवल सत्यापन के बाद ही परिवर्तन किए जाएंगे।
मतदाता पुनरीक्षण शिविर का आयोजन विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर किया गया। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शिविर में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लंबी पंक्तियों और जाम से बचने के उपाय किए गए। इसके बावजूद कुछ केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग एक साथ पहुंचे, जिससे समय-समय पर व्यस्तता और दबाव की स्थिति पैदा हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि एसआईआर जैसी प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। हालांकि, इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सूची में कोई त्रुटि न रह जाए। गलत नाम, अनुपस्थित मतदाता और अन्य गड़बड़ियां मतदाता अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखी जा सकती हैं।
गोरखपुर में रविवार को संपन्न एसआईआर शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि मतदाता सूची को नियमित रूप से जांचना और सुधारना कितना महत्वपूर्ण है। बीएलओ और संबंधित अधिकारियों ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में सभी शिकायतों का निपटारा कर अंतिम सूची को त्रुटि-मुक्त बनाया जाएगा, ताकि आने वाले चुनाव में हर योग्य नागरिक अपनी मताधिकार का प्रयोग कर सके।

