गुरुवार दोपहर तीन बजे से शनिवार दोपहर तीन बजे तक कुल 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने इस कदम के पीछे सुरक्षा की वजह बताई है। उनका कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से अराजक तत्व असामाजिक संदेश और अफवाहें फैला सकते हैं, जो कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
इंटरनेट बंद का उद्देश्य
अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट बंदी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक तनाव और अफवाह फैलने से रोकना है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर फैलने वाली गलत सूचनाएं बड़े पैमाने पर सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
ड्रोन निगरानी का कदम
सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय के तौर पर, शुक्रवार सुबह नौ बजे से संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन निगरानी से लोगों के आंदोलन, संभावित हिंसक गतिविधियों और किसी भी असामाजिक घटना पर नजर रखी जा सकेगी।
सुरक्षा बलों की तैयारी
स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी अप्रिय घटना घटने से पहले ही रोकी जा सके।
नागरिकों से अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इंटरनेट बंदी और ड्रोन निगरानी के कारण किसी भी प्रकार की अफवाहों या गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपाय केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं और नागरिकों को संयम और सहयोग बनाए रखना चाहिए।
इंटरनेट बंदी का प्रभाव
शहर के व्यवसायिक और शैक्षिक गतिविधियों पर भी इस इंटरनेट बंदी का असर पड़ा है। कई लोग ऑनलाइन काम और पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह अस्थायी बंदी है और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम माना गया है।
प्रशासन की तैयारी
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इंटरनेट बंदी के दौरान किसी भी आपात स्थिति में विकल्पी संचार माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा प्रशासन ने लोगों को जागरूक किया है कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

