दिल्ली से कानपुर आ रही शताब्दी ट्रेन में डेढ़ साल की बच्ची की अचानक तबीयत खराब हो गई। इस पर आरपीएफ जवानों ने ट्रेन में अनाउंसमेंट किया कि अगर कोई डॉक्टर यात्रा कर रहा हो तो कृपया उसकी मदद करें। डॉ. हैलेट ने इस विषय पर चर्चा की। मनीष यादव बच्ची के पास पहुंचे और उसे दवाइयां दीं। लड़की का स्वास्थ्य सुधर गया।
मेडिकल कॉलेज के बाल चिकित्सालय के पूर्व सीएमएस एवं हैलेट के सेंट्रल स्टोर ऑफिसर डाॅ. मनीष यादव ने बताया कि वह शुक्रवार को 12034 नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी से लौट रहे थे। वह कोच सी-7 में था। रात करीब आठ बजे जब ट्रेन पनकी के पास पहुंची तो घोषणा की गई कि कोच सी-2 में बैठी डेढ़ साल की बच्ची की तबीयत खराब है और उसे इलाज की जरूरत है।
वह तुरंत कोच सी-2 में गया। वहां महिला ने बताया कि उसकी डेढ़ साल की बेटी को तीन-चार बार उल्टी और दस्त हुआ था। डॉ. मनीष ने बताया कि उन्होंने अन्य यात्रियों से दवा लेकर बच्ची को दे दी। इसके बाद कानपुर सेंट्रल पहुंचकर आरपीएफ जवानों ने युवती और उसकी मां को सुरक्षित रवाना किया।
माँ ने ट्रेन रोकने का अनुरोध किया।
जब लड़की की तबीयत बिगड़ने लगी तो उसकी मां ने आरपीएफ से मदद मांगी और ट्रेन रोकने का अनुरोध किया। ट्रेन पनकी के आसपास थी और कुछ ही मिनटों में सेंट्रल स्टेशन पहुंचने वाली थी। चूंकि वहां अंधेरा था और जंगल भी था, इसलिए आरपीएफ कर्मियों ने ट्रेन रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने अनाउंसमेंट कर मदद मांगी।

