भारतीय सेना और IIT कानपुर में साझेदारी, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए तकनीक विकसित होगी
भारतीय सेना साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ साझेदारी करने जा रही है। इस साझेदारी के तहत संस्थान के इंजीनियर और वैज्ञानिक सेना की जरूरतों के अनुसार एआई, साइबर सुरक्षा और मानव रहित स्वायत्त प्रणालियों जैसी तकनीकें विकसित करेंगे।
सेना के उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने आईआईटी कानपुर का दौरा कर निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा अनुसंधान और तकनीकी सहयोग पर विस्तार से चर्चा की।
आईआईटी कानपुर के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस सहयोग पर औपचारिक समझौता (MoU) होने की संभावना है। इस समझौते के बाद संस्थान और सेना के शोध समूह मिलकर आधुनिक और उन्नत तकनीक विकसित करेंगे, जिससे सुरक्षा और युद्धक क्षमता में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारतीय सेना की साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध कौशल को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने में मदद करेगा। साथ ही, इससे रक्षा क्षेत्र में घरेलू तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस साझेदारी से IIT कानपुर के छात्रों और शोधकर्ताओं को भी प्रयोगात्मक और वास्तविक सैन्य तकनीकी परियोजनाओं में अनुभव मिलने का अवसर मिलेगा।

