ज्ञानवापी मामले में शिवसेना ने उठाई नई मांग, सावन में नमाज प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर सौंपा पत्रक
वाराणसी के चर्चित ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में अब शिवसेना ने भी मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों को पत्रक सौंपकर सावन महीने के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग उठाई। इसके साथ ही श्रृंगार गौरी पूजा से जुड़े नियमों को लेकर भी अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं।
सावन माह को लेकर उठाई मांग
शिवसेना पदाधिकारियों ने अधिकारियों को दिए गए पत्रक में कहा कि सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। संगठन ने मांग की कि सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज को प्रतिबंधित किया जाए, ताकि धार्मिक गतिविधियों के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रृंगार गौरी पूजा व्यवस्था को लेकर भी मांग
शिवसेना ने श्रृंगार गौरी की पूजा व्यवस्था और उससे जुड़े नियमों को लेकर भी प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। संगठन का कहना है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करने की सुविधा मिलनी चाहिए।
अधिकारियों को सौंपा पत्रक
शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को पत्रक सौंपकर अपनी मांगों पर ध्यान देने की अपील की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़ी हुई हैं और प्रशासन को इस पर विचार करना चाहिए।
ज्ञानवापी मामला पहले से है न्यायालय में विचाराधीन
ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और मांगें की जाती रही हैं। अदालतों में इस प्रकरण को लेकर कई याचिकाएं दाखिल हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई जारी है।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर रखी नजर
ज्ञानवापी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन लगातार सतर्क रहता है। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाती है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
शिवसेना की इस मांग के बाद ज्ञानवापी मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर प्रशासन के रुख और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।

