उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्कूल संचालक की हत्या मामले में हर जांच के साथ नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश को छिपाने के लिए आरोपी पत्नी ने पूरी प्लानिंग के तहत पहले पति को दूध में नींद की गोलियों की ओवरडोज दी। इसके बाद मौत होने पर वह सुबह खुद ही पति को लेकर अस्पताल पहुंची, ताकि मामला सामान्य मौत जैसा लगे।
पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी ने अपने प्रेमी और स्कूल की वैन के ड्राइवर के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। हत्या को हादसा या प्राकृतिक मौत दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में पूरा सच सामने आ गया।
सुबह अस्पताल पहुंचकर बचाने का किया नाटक
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी पत्नी सुबह पति को अस्पताल लेकर पहुंची। उसने डॉक्टरों और आसपास के लोगों के सामने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि पति की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और वह उसे बचाने के लिए अस्पताल लाई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूध में मिलाई थी नींद की गोलियां
जांच में खुलासा हुआ कि हत्या से पहले स्कूल संचालक को दूध में नींद की गोलियों की अधिक मात्रा मिलाकर पिलाई गई थी। गोलियों के असर से वह गहरी बेहोशी में चला गया और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहा।
हत्या को प्राकृतिक मौत दिखाने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूरी योजना के साथ हत्या को प्राकृतिक मौत या दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। लेकिन पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पत्नी, प्रेमी और ड्राइवर पर शिकंजा
जांच में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और स्कूल वैन ड्राइवर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
सनसनीखेज हत्याकांड बना चर्चा का विषय
मेरठ का यह मामला अपनी साजिश और हत्या के तरीके के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

