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ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने छीनी मासूम की जिंदगी, 6 साल के आव्यान की मौत में 5 लोगों पर उठे सवाल

ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने छीनी मासूम की जिंदगी, 6 साल के आव्यान की मौत में 5 लोगों पर उठे सवाल

ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 6 साल के मासूम आव्यान की जान चली गई। इस घटना के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में अब तक 5 लोगों की सीधी लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह

जानकारी के अनुसार, मासूम आव्यान की मौत उस समय हुई, जब निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां सामने आईं। आरोप है कि मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

परिवार ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सावधानी बरती जाती तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

प्राधिकरण और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल

मामले में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्राधिकरण के स्तर पर निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच नहीं कराई गई।

वहीं, ठेकेदार पर भी लापरवाही के आरोप हैं। कहा जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए गए।

5 लोगों की लापरवाही सामने आई

जांच में पांच लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। इनमें निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

हादसे के बाद उठे सुरक्षा मानकों पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निर्माण कार्य में मजदूरों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी होती है।

नियमों की अनदेखी करने से ऐसी घटनाएं कभी भी गंभीर हादसे में बदल सकती हैं।

परिवार ने मांगा इंसाफ

मासूम आव्यान की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण स्थलों की निगरानी और सुरक्षा जांच व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद किन लोगों पर कार्रवाई होती है और क्या जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं।

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