ग्रेटर नोएडा वेस्ट में दिल दहला देने वाली घटना, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 16वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी के टॉवर नंबर-सी में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक 38 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 16वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से सोसायटी में हड़कंप मच गया, जबकि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान शत्रुघ्न सिन्हा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पटना, बिहार का निवासी था। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, लेकिन पिछले करीब छह महीने से बेरोजगार चल रहा था। नौकरी न होने के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में रहता था। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या से पहले उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने गुस्से में आकर अपनी साली पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में साली घायल हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद शत्रुघ्न ने टॉवर की 16वीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना बिसरख पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से चाकू बरामद कर लिया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मृतक की पत्नी भी एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। पूछताछ में सामने आया है कि बेरोजगारी को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर कहासुनी होती थी।
सोसायटी के निवासियों के अनुसार, मंगलवार शाम अचानक शोर सुनाई दिया। जब लोग बाहर निकले तो नीचे शव पड़ा था। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि किसी ने इस तरह की घटना की कल्पना भी नहीं की थी।
पुलिस ने घायल महिला का बयान दर्ज कर लिया है और उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव कई बार व्यक्ति को अवसाद की ओर धकेल देता है। ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और पारिवारिक सहयोग बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल, यह घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। यह मामला एक बार फिर मानसिक तनाव और घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है।

