लखनऊ स्नातक एमएलसी चुनाव में बड़ा उलटफेर, सपा की कांति सिंह ने भाजपा के अवनीश सिंह को 17,127 वोटों से हराया
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रत्याशी कांति सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एमएलसी अवनीश सिंह को 17,127 मतों से हराकर सीट पर कब्जा जमा लिया। इस जीत के साथ सपा ने छह साल बाद लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वापसी की है। चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश की राजनीति में इस सीट को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कांति सिंह ने 17,127 वोटों से दर्ज की जीत
लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में कांति सिंह और अवनीश सिंह के बीच मुकाबला था। मतगणना पूरी होने के बाद सपा प्रत्याशी कांति सिंह को विजेता घोषित किया गया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अवनीश सिंह को 17,127 मतों के अंतर से पराजित किया।
यह परिणाम सपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने छह साल बाद इस सीट पर फिर से कब्जा जमाया है। वहीं, भाजपा के मौजूदा एमएलसी अवनीश सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे ने लखनऊ खंड स्नातक सीट पर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
भाजपा के लिए झटका, सपा में उत्साह
लखनऊ खंड स्नातक सीट पर भाजपा की हार को पार्टी के लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कांति सिंह की जीत से सपा को विधान परिषद में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला है। चुनाव परिणाम के बाद दोनों दलों के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पात्र स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। इस कारण इन चुनावों के परिणाम राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। लखनऊ सीट पर सपा की जीत ने विधान परिषद चुनाव के दौरान दोनों प्रमुख दलों के प्रदर्शन को चर्चा में ला दिया है।
विधान परिषद चुनाव में सपा का प्रदर्शन चर्चा में
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विभिन्न सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला देखने को मिला। लखनऊ खंड स्नातक सीट पर सपा की जीत ने चुनाव परिणामों को खास बना दिया है। वहीं, वाराणसी स्नातक सीट पर भी सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की बढ़त की खबर सामने आई थी।
इन परिणामों के बीच भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एमएलसी चुनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि सपा का खाता वहां खुला, जहां नहीं खुलना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि एमएलसी चुनाव योग्य और शिक्षित लोगों के मताधिकार के आधार पर होता है।
कांति सिंह की जीत और केशव प्रसाद मौर्य के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लखनऊ खंड स्नातक सीट पर छह साल बाद सपा की वापसी इस चुनाव का प्रमुख घटनाक्रम बन गई है।

