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राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए CEO के नाम पर लग सकती है मुहर; तीन नामों का पैनल तैयार

राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए CEO के नाम पर लग सकती है मुहर; तीन नामों का पैनल तैयार

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में आज यानी 2 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में मंदिर ट्रस्ट के पहले स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। CEO की नियुक्ति का फैसला ऐसे समय में हो रहा है, जब मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं और चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के बाद प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा गया

CEO के चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय चयन समिति ने उम्मीदवारों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, पैनल में सेवानिवृत्त IPS राजेश पांडेय, सेवानिवृत्त IAS दिनेश चंद्र और योगेश्वर राम मिश्रा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। अब इन नामों पर ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जाएगा और अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। जुलाई में ट्रस्ट की बैठक के दौरान चयन समिति ने आवेदनों की छंटनी और चयन प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद समिति ने अंतिम चरण की प्रक्रिया पूरी कर तीन नामों को आगे बढ़ाया।

चढ़ावा चोरी के बाद मजबूत होगी प्रशासनिक व्यवस्था

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के मामले के बाद ट्रस्ट ने मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए CEO नियुक्त करने का फैसला किया था। इसके लिए रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े की तीन सदस्यीय सर्च कमेटी बनाई गई थी।

ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करना और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। CEO की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के सदस्यों पर पड़ने वाला प्रशासनिक बोझ भी कम होने की उम्मीद है।

प्रवक्ता और रिक्त पदों पर भी हो सकता है फैसला

आज की बैठक में सिर्फ CEO ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति पर भी फैसला होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने पर भी चर्चा हो सकती है। मंदिर की गिनती व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।

राम मंदिर के विस्तार और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच ट्रस्ट के सामने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में आज की बैठक को मंदिर के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर होगी कि तीन नामों के पैनल में से किस अधिकारी को राम मंदिर ट्रस्ट के पहले स्थायी CEO की जिम्मेदारी मिलती है।

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