राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, तय हो सकता है पहला CEO; वीडियो में जाने राजेश पांडेय समेत 3 नाम रेस में
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार यानी 2 सितंबर को अहम बैठक होने जा रही है। चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी बैठक है। बैठक में राम मंदिर के पहले स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है।
राजेश पांडेय समेत तीन नाम चर्चा में
CEO पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। उनके अलावा पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और एक अन्य उम्मीदवार का नाम पैनल में शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में चर्चा के बाद लिया जाएगा। राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश पुलिस में अपने कार्यकाल के दौरान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर भी चर्चित रहे हैं।हालांकि, कुछ रिपोर्टों में CEO पद की दौड़ में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान का नाम भी सामने आया है। ऐसे में अंतिम नाम को लेकर ट्रस्ट की बैठक के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
प्रसाद और परिक्रमा समिति पर भी फैसला संभव
बैठक में केवल CEO की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि मंदिर की प्रशासनिक और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ट्रस्ट की प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा धार्मिक समिति में सदस्यों की संख्या बढ़ाने और ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भरने पर भी निर्णय संभव है।ट्रस्ट में तीन पद इस्तीफे और एक न्यासी के निधन के बाद खाली हुए हैं। इन पदों को भरने की प्रक्रिया भी बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थायी महासचिव के नाम पर अभी फैसला मुश्किल
ट्रस्ट के स्थायी महासचिव की नियुक्ति को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार की बैठक में स्थायी महासचिव के नाम की घोषणा की संभावना कम है। डॉ. कृष्ण मोहन फिलहाल कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभालते रह सकते हैं। इससे पहले ट्रस्ट में हुए बदलावों के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अयोध्या पहुंचे ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी
बैठक से पहले ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट की धार्मिक समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि तथा ट्रस्ट के महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन अयोध्या में मौजूद हैं। स्वामी गोविंद देवगिरि ने राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना भी की।CEO की नियुक्ति को राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक संस्थागत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। CEO के जिम्मे मंदिर के दैनिक संचालन, प्रशासन, कर्मचारियों के प्रबंधन और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जैसी जिम्मेदारियां आने की उम्मीद है। अब बुधवार की बैठक में ट्रस्ट किस नाम पर मुहर लगाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

