पश्चिमी विक्षोभ का असर: पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, तापमान में गिरावट
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मंगलवार को मौसम का मिजाज बदल गया। इसके असर से प्रदेश के कई पश्चिमी जिलों में झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। खासकर एनसीआर से सटे जिलों, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बरेली सहित आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे और कई जगहों पर बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते निचले स्तरों पर नमी बढ़ने से बारिश की परिस्थितियां बनीं। मेरठ, बागपत और अमरोहा जैसे जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया। ओले गिरने से कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो नजीबाबाद में सर्वाधिक 5.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई, जिससे लोगों को ठंड का अहसास हुआ।
मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि के चलते सुबह और शाम के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने बताया कि सरसों और गेहूं की फसलों पर ओलों का असर पड़ सकता है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि की अवधि कम रहने से बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना फिलहाल कम है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 24 से 48 घंटों तक कुछ क्षेत्रों में बना रह सकता है। इस दौरान हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम के साफ होने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के आसार हैं।
बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को राहत और परेशानी दोनों का सामना करना पड़ा। जहां एक ओर वायु प्रदूषण में कमी दर्ज की गई, वहीं कुछ इलाकों में जलभराव और फिसलन के चलते यातायात प्रभावित हुआ। एनसीआर से सटे जिलों में ऑफिस जाने वाले लोगों को सुबह के समय धीमी रफ्तार से वाहन चलाने पड़े।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहना सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। इससे दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य का ध्यान रखें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की जरूरत है।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में आया यह बदलाव किसानों, आम नागरिकों और प्रशासन तीनों के लिए महत्वपूर्ण है। जहां एक ओर बारिश से मौसम सुहावना हुआ, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने सतर्क रहने का संकेत भी दिया है। आने वाले दिनों में मौसम की चाल पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

