हादसा दिखे तो मदद का हाथ बढ़ाएं, गोल्डन ऑवर में घायल की जान बचाने आगे आएं लोग: SP प्राची सिंह
अम्बेडकरनगर में सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने लोगों से कहा कि यदि सड़क पर कोई हादसा दिखाई दे तो घायल को देखकर वहां से गुजरने के बजाय मदद के लिए हाथ बढ़ाएं। उन्होंने खास तौर पर ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझाते हुए कहा कि हादसे के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
एसपी ने लोगों से अपील की कि दुर्घटना के बाद घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। कई बार हादसे के बाद लोग पुलिस कार्रवाई या कानूनी प्रक्रिया के डर से घायल की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी मानवीय पहल किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
गोल्डन ऑवर में मदद बेहद जरूरी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सड़क हादसे के बाद शुरुआती एक घंटे को चिकित्सा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इस दौरान उपचार मिलने पर उसके बचने की संभावना बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि हादसा देखने वाले लोगों को बिना घबराए तत्काल मदद करनी चाहिए और एंबुलेंस तथा पुलिस को सूचना देनी चाहिए। यदि घायल को अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता हो तो लोग उचित तरीके से सहायता कर सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई के डर से पीछे न हटें
अक्सर हादसे के बाद लोग पुलिस पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया में फंसने की आशंका के कारण घायल की मदद करने से बचते हैं। एसपी ने लोगों से इस तरह के डर को दूर करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता का कर्तव्य है। लोगों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
सड़क हादसों में मदद की जरूरत
सड़क हादसों में कई बार घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
एसपी प्राची सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर दुर्घटना दिखने पर तमाशबीन बनने के बजाय मददगार बनें। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को समय पर सूचना देने के साथ घायल को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
जागरूकता से बच सकती है जान
पुलिस प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा के साथ हादसे के बाद सही समय पर मदद के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। यदि लोग गोल्डन ऑवर की अहमियत समझें और जरूरत के समय घायल की मदद के लिए आगे आएं तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
अम्बेडकरनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क हादसे की स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी और संवेदनशीलता से काम लें। समय पर दी गई छोटी सी मदद किसी घायल के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

