नेपाल में तबाही के बाद यूपी में हाई अलर्ट, गंडक-नारायणी के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी खतरे की आशंका बढ़ गई है। नेपाल में भारी बारिश और अचानक बढ़े जलप्रवाह के चलते गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालात को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
गंडक-नारायणी में बढ़ सकता है पानी
नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक तेज जलप्रवाह के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ी है। भोटेकोशी का पानी आगे त्रिशूली नदी तंत्र से होते हुए नारायणी और गंडक नदी को प्रभावित कर सकता है। महराजगंज में गंडक नदी की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी का असर अगले कुछ घंटों में भारतीय क्षेत्र में दिखाई दे सकता है।
कुशीनगर में भी नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वाल्मीकि गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले जाने के बाद लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इससे नदी के आसपास बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
डीएम और एसपी ने संभाला मोर्चा
कुशीनगर में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एसपी खुद फील्ड में उतर गए हैं। अधिकारियों ने संवेदनशील और संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन की टीमें ग्रामीणों को सुरक्षित रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दे रही हैं।
महराजगंज में भी एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। नदी किनारे बसे गांवों में सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को नदी तथा जलभराव वाले इलाकों से दूर रखने की अपील की है।
15 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
नेपाल से छोड़े गए करीब 2.50 लाख क्यूसेक पानी के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालात को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले 15 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत कर दिया है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।
फिलहाल महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत टीमें अलर्ट मोड पर हैं। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले कुछ घंटे दोनों जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

