लखनऊ में लगा सेहत साथी सेवा शिविर, 197 मरीजों की मुफ्त जांच; मौसमी बीमारियों के मिले सबसे ज्यादा मामले
लखनऊ में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेहत साथी सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 197 मरीजों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित मिले। डॉक्टरों ने मरीजों की जांच के बाद उन्हें जरूरी दवाएं भी मुफ्त उपलब्ध कराईं।
शिविर में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मरीजों को बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए और खानपान तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
197 मरीजों की हुई जांच
सेहत साथी सेवा शिविर में पहुंचे 197 मरीजों की चिकित्सकों ने जांच की। मरीजों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी बीमारी से संबंधित आवश्यक परीक्षण भी किए गए।
शिविर में आने वाले लोगों को डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार परामर्श दिया। जिन मरीजों को दवाओं की जरूरत थी, उन्हें शिविर में ही निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मौसमी बीमारियों के मरीज ज्यादा
शिविर में सबसे ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों से संबंधित पाए गए। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य संक्रमण से जुड़े लक्षणों वाले मरीज जांच कराने पहुंचे।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि मौसम बदलने के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक भोजन लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साफ-सफाई का ध्यान रखने और आसपास गंदगी जमा नहीं होने देने की भी अपील की गई।
लोगों को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
शिविर में सिर्फ मरीजों की जांच ही नहीं की गई, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी गई। डॉक्टरों ने कहा कि बीमारी के लक्षण नजर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
मुफ्त दवाओं से लोगों को राहत
शिविर में जांच के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं निशुल्क दी गईं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी राहत मिली। कई लोगों ने शिविर में उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की।
आयोजकों का कहना है कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और समय रहते बीमारी की पहचान करना है।
शिविर के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की समस्याएं सुनीं और उन्हें उचित परामर्श दिया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य जागरूकता और जांच शिविर आयोजित करने की बात कही।

