लखनऊ में सील अस्पतालों को खोलने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की होगी जांच; डिप्टी CM ब्रजेश पाठक नाराज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सील किए गए अस्पतालों को दोबारा खोलने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। इस मामले में उन्नाव, कानपुर और लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने नाराजगी जताई है। अब पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
तीन जिलों के अधिकारियों-कर्मचारियों पर आरोप
जानकारी के मुताबिक, अस्पतालों को दोबारा शुरू कराने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें मिली हैं। इन आरोपों के दायरे में लखनऊ के साथ उन्नाव और कानपुर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी आए हैं।
आरोप है कि सील किए गए अस्पतालों को फिर से खोलने की प्रक्रिया में अवैध तरीके से पैसे की मांग की जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन अधिकारियों या कर्मचारियों पर कितनी रकम मांगने का आरोप लगा है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई नाराजगी
मामले की जानकारी मिलने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि अस्पतालों को दोबारा खोलने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल यह मामला आरोपों और शिकायतों के आधार पर जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदार लोगों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

