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मणिपुर हमले में शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत पंचतत्व में विलीन, हिंडन घाट पर सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार

मणिपुर हमले में शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत पंचतत्व में विलीन, हिंडन घाट पर सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार

मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत का गुरुवार दोपहर गाजियाबाद के हिंडन घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इससे पहले गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जब तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया। अपने पति का पार्थिव शरीर देखकर पत्नी मंजू देवी भावुक हो गईं। परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिवार और रिश्तेदारों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।

शहीद चंद्रमोहन सिंह रावत के घर पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के लोगों ने भारत माता के जयकारों और शहीद अमर रहे के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। हर कोई शहीद के बलिदान को नमन कर रहा था।

हिंडन घाट पर सैन्य परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। सेना के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम थीं।

बताया जा रहा है कि हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत मणिपुर में तैनात थे, जहां उग्रवादियों के हमले में वह शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।

शहीद के बलिदान को लेकर लोगों ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे देश हमेशा याद रखेगा।

अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके साहस को सलाम किया।

हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत की शहादत ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है, लेकिन देश सेवा में दिए गए उनके बलिदान पर हर कोई गर्व महसूस कर रहा है।

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