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गाजियाबाद में रावण दहन पर नाचे हनुमान, काशी में मंत्री ने श्रीराम को कंधे पर उठाया; प्रयागराज में धरने पर बैठे राम-सीता

गाजियाबाद में रावण दहन पर नाचे हनुमान, काशी में मंत्री ने श्रीराम को कंधे पर उठाया; प्रयागराज में धरने पर बैठे राम-सीता

उत्तर प्रदेश में विजयादशमी के मौके पर अलग-अलग शहरों में रामलीला और रावण दहन के दौरान अनोखे दृश्य देखने को मिले। गाजियाबाद में रावण दहन के दौरान हनुमान बने कलाकार के नृत्य ने लोगों का ध्यान खींचा। काशी में मंत्री ने भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे कलाकार को कंधे पर उठा लिया, जबकि प्रयागराज में राम और सीता की भूमिका निभाने वाले कलाकार धरने पर बैठ गए। इन घटनाओं की चर्चा स्थानीय स्तर पर होती रही।

गाजियाबाद में रावण दहन के दौरान नाचे हनुमान

गाजियाबाद में विजयादशमी पर विभिन्न रामलीला समितियों की ओर से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। जिले में करीब 90 स्थानों पर रावण दहन के आयोजन निर्धारित थे। घंटाघर की रामलीला में सबसे ऊंचे पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाने पहुंचे।

रामलीला के दौरान हनुमान की भूमिका निभाने वाले कलाकारों ने भी अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया। हालांकि, रावण दहन के समय हनुमान के नृत्य से जुड़ी घटना का पूरा विवरण स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हो सका है।

काशी में मंत्री ने श्रीराम को कंधे पर उठाया

काशी में विजयादशमी के अवसर पर रामलीला और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान मंत्री द्वारा भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे कलाकार को कंधे पर उठाने का दृश्य चर्चा में रहा। रामलीला में कलाकारों ने रामकथा के प्रसंगों का मंचन किया और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से मंत्री का नाम और इस घटना का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं हो सका है, इसलिए इन विवरणों की पुष्टि जरूरी है।

प्रयागराज में धरने पर बैठे राम-सीता

प्रयागराज में रामलीला से जुड़ी एक अलग घटना सामने आने की बात कही गई, जहां भगवान राम और माता सीता की भूमिका निभाने वाले कलाकार धरने पर बैठ गए। लेकिन धरने की वजह, आयोजन समिति से विवाद या कलाकारों की मांगों को लेकर पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

रामलीला उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा है। विजयादशमी पर इन आयोजनों के जरिए भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। इन तीनों घटनाओं के पूरे विवरण की पुष्टि होने पर खबर को और स्पष्ट रूप दिया जा सकता है।

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