शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का फैसला किया गया है। इस निर्णय से न केवल शहरों में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन नई इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न शहरों में शामिल किया जाएगा। खासतौर पर उन शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सार्वजनिक परिवहन का दबाव अधिक है और प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। वातानुकूलित होने के कारण ये बसें यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगी, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक बसों की सफल संचालन व्यवस्था के लिए सरकार ने 16 नगर निगम वाले शहरों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इन चार्जिंग स्टेशनों के जरिए इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ भविष्य में अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को भी चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और चार्जिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।
इसके अलावा सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 15 शहरों में पहले से संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से होने वाली कार्बन उत्सर्जन में कमी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मापा जाएगा और उसके बदले कार्बन क्रेडिट अर्जित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि नगर निकायों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। इलेक्ट्रिक बसें डीजल या सीएनजी बसों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण हितैषी होती हैं। इनके संचालन से वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे शहरों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि इस पूरी योजना का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि सतत और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करना है। इसके लिए तकनीकी निगरानी, नियमित रखरखाव और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन निर्बाध रूप से हो सके।
शहरी परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, नई एसी इलेक्ट्रिक बसों के आने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बस संचालन, चार्जिंग स्टेशन प्रबंधन और रखरखाव से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं को काम मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर, 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन शहरी परिवहन को आधुनिक, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर शहरों की यातायात व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर साफ दिखाई देगा।

