Samachar Nama
×

सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा बच्चों को दिखाया मृत, राशन कार्ड से काट दी गईं यूनिटें; शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं

सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा बच्चों को दिखाया मृत, राशन कार्ड से काट दी गईं यूनिटें; शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं

सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा बच्चों को मृत दिखाकर राशन कार्ड से उनकी यूनिटें काटने का मामला सामने आया है। इससे प्रभावित परिवार को सरकारी राशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का आरोप है कि बच्चों को मृत दर्ज किए जाने के बाद राशन कार्ड में उनकी यूनिटें हटा दी गईं। इस गलती को ठीक कराने के लिए परिवार ने राशन डीलर से लेकर आपूर्ति विभाग तक कई चक्कर लगाए, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

राशन कार्ड से यूनिटें कटने के बाद बढ़ी परेशानी

राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या के आधार पर पात्र परिवारों को सरकारी राशन दिया जाता है। ऐसे में किसी सदस्य का नाम हटने से परिवार को मिलने वाले राशन की मात्रा प्रभावित हो सकती है। इस मामले में जिंदा बच्चों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए जाने के कारण उनकी यूनिटें काट दी गईं।

परिवार के लिए यह गलती ठीक कराना मुश्किल साबित हो रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने राशन डीलर से संपर्क किया और इसके बाद आपूर्ति विभाग के अधिकारियों तक भी अपनी समस्या पहुंचाने की कोशिश की। इसके बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली।

राशन डीलर से विभाग तक लगाए चक्कर

परिवार का आरोप है कि बच्चों के जीवित होने के बावजूद रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इस वजह से राशन कार्ड में संशोधन कराने की जरूरत पड़ी। परिवार ने संबंधित अधिकारियों से रिकॉर्ड ठीक करने और बच्चों की यूनिटें दोबारा जोड़ने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए राशन कार्ड में सही जानकारी दर्ज होना जरूरी है। रिकॉर्ड में इस तरह की गलती होने पर लाभार्थियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। ऐसे मामलों में शिकायत की जांच कर रिकॉर्ड दुरुस्त करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है।

रिकॉर्ड में सुधार का इंतजार

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि यह मामला किस जिले या गांव का है, राशन कार्ड में कितने बच्चों को मृत दर्ज किया गया और यूनिटें कब काटी गईं। आपूर्ति विभाग की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।

परिवार को अब रिकॉर्ड में सुधार और राशन कार्ड की यूनिटें बहाल होने का इंतजार है। संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकारी रिकॉर्ड में गलती कैसे हुई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

Share this story

Tags