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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 24 घंटे में बदला फैसला, रील-वीडियो बनाने पर रोक का आदेश वापस; शिक्षकों की रार का दिखा असर

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 24 घंटे में बदला फैसला, रील-वीडियो बनाने पर रोक का आदेश वापस; शिक्षकों की रार का दिखा असर

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद का असर अब विश्वविद्यालय के नियम-कायदों पर भी दिखाई देने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक दिन पहले विद्यार्थियों के रील, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट बनाने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। लेकिन आदेश जारी होने के महज 24 घंटे के भीतर ही प्रशासन ने अपना फैसला बदल दिया। विश्वविद्यालय की ओर से नया आदेश जारी कर पहले के निर्देश को संशोधित कर दिया गया है।

एक दिन पहले जारी हुआ था आदेश

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी किए गए पहले आदेश में विद्यार्थियों के लिए रील, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट बनाने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके तहत विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई थी।

आदेश सामने आने के बाद विद्यार्थियों के बीच चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के वीडियो और रील बनाने पर रोक को लेकर सवाल उठने लगे।

24 घंटे में प्रशासन ने बदला फैसला

पहले आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब नया निर्देश जारी किया है। नए आदेश में पहले के फैसले को वापस लेते हुए नियमों में बदलाव किया गया है। इस तरह विद्यार्थियों को रील और वीडियो बनाने से पूरी तरह रोकने वाला आदेश महज एक दिन ही प्रभावी रहा।

प्रशासन के इस यू-टर्न ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक दिन पहले जिस नियम को लागू किया गया था, उसे इतनी जल्दी बदलने की जरूरत क्यों पड़ी, इसे लेकर कैंपस में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

शिक्षकों की रार के बीच सामने आया मामला

दरअसल, गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद का असर अब प्रशासनिक फैसलों पर भी पड़ने की चर्चा है। शिक्षकों के बीच जारी खींचतान के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लगातार लिए जा रहे फैसलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

रील और डिजिटल कंटेंट को लेकर जारी आदेश और फिर उसे वापस लेने की घटना ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि नियम-कायदे स्पष्ट और सोच-समझकर बनाए जाने चाहिए, ताकि छात्रों और शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति न बने।

छात्रों के बीच भी बना चर्चा का विषय

पहले आदेश के बाद छात्र यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि विश्वविद्यालय परिसर में किस तरह के वीडियो या डिजिटल कंटेंट पर रोक रहेगी। अब नए आदेश के बाद स्थिति बदल गई है। 24 घंटे के भीतर फैसला बदलने से छात्रों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नया आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। हालांकि, शिक्षकों के बीच चल रही रार और उसके बीच तेजी से बदलते प्रशासनिक फैसलों को लेकर कैंपस में बहस जारी है। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में कोई और स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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