धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन शुरू, मंदिर के बाहर 2 KM लंबी कतार; पांच दिन तक होंगे दर्शन
वाराणसी में धनतेरस के पावन अवसर पर मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन शुरू हो गए हैं। मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर के बाहर भक्तों की करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने काशी पहुंच रहे हैं।
धनतेरस के अवसर पर मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा अन्न और समृद्धि की देवी हैं। उनके दर्शन और पूजन से घर में सुख-समृद्धि और अन्न की कमी नहीं होती। इसी आस्था के चलते हर साल बड़ी संख्या में भक्त इस विशेष अवसर पर मंदिर पहुंचते हैं।
पांच दिन तक चलेंगे दर्शन
काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन का सिलसिला पांच दिनों तक चलेगा। धनतेरस से शुरू हुए इस विशेष आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को मां के स्वर्ण स्वरूप के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, दर्शन के लिए पहुंचने वालों की संख्या भी बढ़ती गई।
मंदिर के बाहर लगी लंबी कतार
मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर के बाहर करीब 2 किलोमीटर तक भक्तों की कतार लगी हुई है। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां के जयकारे लगा रहे हैं। धनतेरस और दीपावली के अवसर पर काशी में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है।
मां अन्नपूर्णा को काशी की अधिष्ठात्री देवी के रूप में भी पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने भी मां अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। यही वजह है कि अन्न और दान से जुड़े इस पर्व पर उनके दर्शन को विशेष महत्व दिया जाता है।
पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भक्त मां के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

