कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर लौटीं गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे बुधवार देर रात स्वदेश लौट आईं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो से दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। जैसे ही अस्मिता एयरपोर्ट से बाहर आईं, वहां मौजूद प्रशंसकों और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया।
अस्मिता के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके गले में फूलों और नोटों की मालाएं पहनाई गईं। समर्थकों ने भारत माता की जय और अस्मिता डे जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान माहौल पूरी तरह जश्न में बदल गया। एक प्रशंसक ने खुशी में अस्मिता को अपने कंधे पर उठा लिया। इस पर अस्मिता मुस्कुराते हुए बोलीं, "उतार दो, नहीं तो गिर जाऊंगी।" उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े।
अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात अस्मिता ने खेल और नौकरी दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए यह मुकाम हासिल किया है।
अस्मिता की इस सफलता पर उनके परिवार, पुलिस विभाग और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। एयरपोर्ट पर पहुंचे प्रशंसकों ने कहा कि अस्मिता युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
स्वागत के दौरान अस्मिता ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश के लिए पदक जीतना उनके लिए गर्व का पल है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
गौरतलब है कि अस्मिता डे खेल के साथ पुलिस सेवा में भी सक्रिय हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद अब अस्मिता अपने क्षेत्र की नई पहचान बन चुकी हैं।

