राम मंदिर के पहले CEO बन सकते हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, वीडियो में जाने ट्रस्ट की अहम बैठक में होगा फैसला
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला होने जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम पर बुधवार को होने वाली बैठक में मुहर लग सकती है। सूत्रों के अनुसार, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम इस पद के लिए सबसे आगे चल रहा है।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी बड़ी बैठक है। बैठक में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने, नए पदों पर नियुक्ति और विभिन्न समितियों के गठन को लेकर भी फैसले लिए जा सकते हैं।
कौन हैं राजेश पांडेय
प्रयागराज के रहने वाले राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है। अपने पुलिस करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए। इनमें कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला समेत 80 से अधिक एनकाउंटर शामिल बताए जाते हैं।राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश पुलिस की दो प्रमुख सुरक्षा इकाइयों स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम करने का अनुभव है। वह संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
CEO पद के लिए हुई लंबी चयन प्रक्रिया
राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO पद के लिए देशभर से आवेदन मांगे थे। बड़ी संख्या में आए आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों का चयन किया गया। चयन समिति ने कई चरणों में उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया और अंतिम नामों का पैनल तैयार किया। इसके बाद रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई।CEO पद को राम मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था, सुरक्षा, सुविधाओं का विस्तार, कर्मचारियों के बीच समन्वय और विभिन्न योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी CEO के पास होगी।
शरद शर्मा को मिल सकती है प्रवक्ता की जिम्मेदारी
बैठक में विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी रहे शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता बनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा भी की जा सकती है।ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाने और खाली पड़े तीन पदों को भरने पर भी चर्चा हो सकती है। वहीं स्थायी महासचिव की नियुक्ति को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में महासचिव पद पर अंतिम घोषणा होने की संभावना कम बताई जा रही है।
राम मंदिर प्रबंधन में आएगा नया बदलाव
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अब इसके संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। CEO की नियुक्ति को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भविष्य की व्यवस्थाओं को देखते हुए एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही थी।अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी है। अगर राजेश पांडेय के नाम पर मुहर लगती है तो वह राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे और मंदिर प्रशासन के संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे।

