अयोध्या राम मंदिर दान अनियमितता पर बोले पूर्व DGP ओपी सिंह: “यह आस्था और विश्वास का विषय, पारदर्शिता बेहद जरूरी”
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित चंदा/दान अनियमितता मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की बात सामने आना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के मामलों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने अपने बयान में कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े हर पहलू में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। इसलिए दान और व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की शंका या विवाद का समाधान निष्पक्ष जांच और स्पष्ट प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस तरह के मामलों में कोई गलतफहमी या अनियमितता सामने आती है, तो उसका समाधान जल्द और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे पारदर्शिता की जरूरत पर दिया गया महत्वपूर्ण बयान मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील विषय पर टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।फिलहाल संबंधित मामले को लेकर जांच या आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं पूर्व डीजीपी के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

