प्रयागराज में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, यमुना का जलस्तर बढ़ा; गंगा के घटाव की रफ्तार भी धीमी
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चंबल और बेतवा नदियों से बढ़े दबाव के कारण यमुना नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा है। पिछले कुछ समय से घट रहे जलस्तर के बाद अब यमुना में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
चार घंटे में तीन सेंटीमीटर बढ़ा यमुना का जलस्तर
जानकारी के अनुसार, यमुना नदी का जलस्तर चार घंटे के भीतर करीब तीन सेंटीमीटर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों से पानी की आवक लगातार बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
चंबल और बेतवा नदियों में पानी बढ़ने का असर यमुना पर दिखाई दे रहा है। इन नदियों से आने वाला पानी यमुना के जलस्तर को प्रभावित कर रहा है।
50 सेंटीमीटर से एक मीटर तक बढ़ सकता है जलस्तर
जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, आने वाले समय में प्रयागराज में नदियों का जलस्तर 50 सेंटीमीटर से लेकर एक मीटर तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
गंगा के घटाव की रफ्तार हुई आधी
वहीं, गंगा नदी का जलस्तर भले ही अभी घट रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है। पहले जहां गंगा तेजी से नीचे जा रही थी, वहीं अब घटाव की गति करीब आधी रह गई है।
गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि नदियों में पानी की स्थिति मौसम और ऊपर से आने वाले पानी पर निर्भर करेगी।
तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता
प्रयागराज में हर साल बाढ़ का असर कई इलाकों में देखने को मिलता है। यमुना और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सामान तैयार रखने की अपील की जा रही है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन ने शुरू की निगरानी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कदम उठाने की तैयारी है।

