चित्रकूट में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर; तेज बारिश से हालात बिगड़े
चित्रकूट में बाढ़ का संकट एक बार फिर गहरा गया है। दो दिन पहले आई बाढ़ से लोग अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार रात हुई तेज बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दो दिन बाद फिर बढ़ा नदी का जलस्तर
चित्रकूट में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी भर गया था और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग अभी बाढ़ से हुए नुकसान से उबर ही रहे थे कि रविवार रात फिर तेज बारिश शुरू हो गई।
बारिश का असर सीधे मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर दिखाई दिया। नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा और देखते ही देखते जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया।
निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
मंदाकिनी के उफान पर आने के बाद नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
पिछली बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित हुआ था। ऐसे में दोबारा बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
लगातार बारिश से बिगड़ रहे हालात
चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। मंदाकिनी में भी लगातार पानी आने से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बारिश का दौर जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में लोगों को अलर्ट किया जा रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
दो दिन में दूसरी बार बाढ़ का खतरा
स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि महज दो दिन के अंतराल में मंदाकिनी नदी दोबारा उफान पर आ गई है। पहली बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर भी नहीं पाया था कि तेज बारिश ने फिर संकट खड़ा कर दिया।
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समय पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। फिलहाल मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और बारिश की स्थिति को देखते हुए आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

