प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फैक्ट्री मालिक नौशाद को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, नौशाद शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे सैय्यद सरावां इलाके में पुलिस और नौशाद के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।
शहर छोड़कर भागने की फिराक में था नौशाद
पुलिस को सूचना मिली थी कि पटाखा फैक्ट्री का मालिक नौशाद घटना के बाद शहर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सैय्यद सरावां इलाके में घेराबंदी की। इसी दौरान मंगलवार तड़के करीब 4 बजे पुलिस का सामना नौशाद से हो गया।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान मुठभेड़ हुई और कार्रवाई के बाद नौशाद को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और विस्फोट से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पटाखा फैक्ट्री में हुआ था भीषण विस्फोट
प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर मोहम्मदपुर गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। आसपास के करीब 100 मीटर के दायरे में बने कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए।
हादसे में कई लोगों की मौत हुई, जबकि बड़ी संख्या में लोग झुलस गए। विस्फोट के बाद लगातार पटाखों के धमाके होते रहे और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया था।
मलबे में दबे लोगों की तलाश
विस्फोट के बाद पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई थीं। भारी मलबे को हटाने के लिए बुलडोजर लगाए गए। पुलिस को आशंका थी कि मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं।
फैक्ट्री के आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा था। कुछ मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई घरों में दरारें और अन्य क्षति हुई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी।
नौशाद से पूछताछ में खुलेंगे कई राज
फैक्ट्री मालिक नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पटाखा फैक्ट्री के संचालन, सुरक्षा मानकों और विस्फोट से पहले वहां मौजूद सामग्री के बारे में पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण और भंडारण किस तरह किया जा रहा था।
नौशाद से पूछताछ के आधार पर हादसे की जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े अन्य पहलुओं का पता चल सकता है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि फैक्ट्री के संचालन के लिए जरूरी अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
फिलहाल एनकाउंटर के बाद फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी को इस मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच के आगे बढ़ने के साथ विस्फोट की पूरी वजह और जिम्मेदार लोगों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

