फर्जी हस्ताक्षर से अधिकार पत्र बनवाकर पैतृक मकान का बैनामा करने का आरोप, एफआईआर दर्ज
आगरा के सदर तहसील क्षेत्र से संपत्ति विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने ही भाई, भाभी और एक अधिवक्ता पर फर्जी हस्ताक्षर कर अधिकार पत्र तैयार कराने और उसके आधार पर पैतृक मकान का बैनामा कर देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद थाना शाहगंज में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, पैतृक मकान पर उसका भी वैधानिक अधिकार है। आरोप है कि उसके भाई और भाभी ने साजिश के तहत एक अधिवक्ता की मदद से उसके फर्जी हस्ताक्षर करवा लिए और अधिकार पत्र तैयार करा लिया। इसी कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर पैतृक मकान का बैनामा कर दिया गया। महिला का कहना है कि उसे इस पूरे मामले की जानकारी काफी बाद में हुई, जब उसने संपत्ति से जुड़े कागजातों की जानकारी जुटानी शुरू की।
महिला का आरोप है कि न तो उसने कभी किसी अधिकार पत्र पर हस्ताक्षर किए और न ही बैनामा करने के लिए अपनी सहमति दी। इसके बावजूद उसके नाम से दस्तावेज तैयार कर संपत्ति का हस्तांतरण कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि यह न केवल उसके साथ धोखाधड़ी है, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है।
पीड़िता ने पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शाहगंज को प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
थाना शाहगंज पुलिस के अनुसार, मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं में जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जाएगी और दस्तावेजों की विधिवत जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।
इस घटना के सामने आने के बाद संपत्ति विवादों में फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि पैतृक संपत्ति के मामलों में इस तरह की धोखाधड़ी बढ़ रही है, जिससे परिवारों के बीच रिश्ते भी खराब हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीड़िता को न्याय मिलने और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

