डॉक्टरों की भूमिका पर जोर: मरीजों के लिए आशा की किरण हैं चिकित्सक, संवेदनशीलता से लौटाते हैं आत्मविश्वास
जब मरीज और उनके परिजनों की उम्मीदें टूटने लगती हैं, तब डॉक्टर ही नई आशा की किरण बनकर सामने आते हैं। चिकित्सक केवल बीमारी का इलाज ही नहीं करते, बल्कि अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और समर्पण से मरीजों का आत्मविश्वास भी लौटाते हैं। यह बातें डिप्टी सर्जन ने एक कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों की भूमिका सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक जिम्मेदारी भी है। मरीज जब मानसिक रूप से कमजोर होता है, तब डॉक्टर का व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण उसके स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मरीजों के लिए मानसिक संबल भी जरूरी
कार्यक्रम में बताया गया कि कई बार मरीज केवल दवाइयों से ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और भरोसे से भी ठीक होते हैं। ऐसे में डॉक्टरों का दायित्व बढ़ जाता है कि वे मरीजों के साथ संवेदनशीलता और धैर्य के साथ व्यवहार करें।
चिकित्सा सेवा एक जिम्मेदारी
डिप्टी सर्जन ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसमें मानवता और सेवा भाव सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें।
कार्यक्रम में चिकित्सकों की भागीदारी
इस अवसर पर कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर सेवा और मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार पर चर्चा की गई।

