उत्तर प्रदेश पुलिस में भावुक क्षण: दिवंगत पिता की वर्दी पहनकर वंशिका बालियान ने पासिंग आउट परेड पूरी की
उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में मंगलवार का दिन भावनाओं से भरा रहा। वंशिका बालियान, जिन्होंने कोरोना महामारी में अपने पिता दिवंगत हेड कांस्टेबल बृतपाल सिंह को खो दिया था, ने अपनी पासिंग आउट परेड के दौरान पिता की वर्दी पहनकर अपनी ट्रेनिंग पूरी की। यह दृश्य न केवल परेड में शामिल अधिकारियों और जवानों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि हर नागरिक के लिए भी कर्तव्य और निष्ठा की मिसाल बन गया।
पिता की विरासत को आगे बढ़ाना
वंशिका ने यूपी पुलिस में ‘मृतक आश्रित कोटा’ के तहत भर्ती ली। उनका कहना है कि पिता की तरह ही पुलिस सेवा में शामिल होना उनका स्वप्न और कर्तव्य दोनों था। परेड के दौरान वंशिका ने मां के सामने अपने प्रशिक्षण की सफलता का जश्न मनाया।
उनकी मां ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने आज अपनी बेटी में अपने पति की कर्तव्यनिष्ठा देखी। यह पिता की विरासत का प्रतीक है, जिसे वह आगे बढ़ा रही है।”
भावनाओं से भरी परेड
पासिंग आउट परेड के दौरान वंशिका ने वर्दी पहनकर मार्चिंग की और सभी निर्धारित अभ्यासों को पूरा किया। परेड में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक भी भावुक हो उठे। उन्होंने वंशिका की हिम्मत और समर्पण की सराहना की।
यूपी पुलिस ने भी इस मौके पर वंशिका की ट्रेनिंग और संघर्ष को प्रेरणादायक उदाहरण बताया। अधिकारियों ने कहा कि वंशिका का यह कदम अन्य जवानों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
समाज के लिए संदेश
वंशिका की कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों और व्यक्तिगत दुःख के बावजूद कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। उनके पिता की याद में यह कदम न केवल परिवार के लिए गर्व का पल है, बल्कि समाज में निष्ठा और सेवा की भावना को भी बढ़ावा देता है।

